कोकबोरोक क्या है?
कोकबोरोक एक स्वदेशी भाषा है जो भारत के पूर्वोत्तर राज्यों के त्रिपुरा, मिजोरम और असम राज्यों और चटगांव पहाड़ी इलाकों और बांग्लादेश के अन्य पांच जिलों में रहने वाली बोरोक (त्रिपुरी) आबादी की मातृभाषा है। लगभग 24 प्रतिशत लोगों द्वारा बोली जाने वाली एक स्वदेशी भाषा है, जिसकी कोई लिपि नहीं है।
जिस प्रकार छत्तीसगढ़ की भाषा छत्तीसगढ़ी है जिसकी अपनी लिपि नहीं है। इसकी लिपि देवनागरी है। तथा भाषा के अनुरूप विद्वानों द्वारा व्याकरण बनाया गया है।
त्रिपुरा में भाषा के बोले जाने की संख्या को देखते हुए 19 जनवरी, 1979 को अधिसूचित किया गया। यह त्रिपुरा की राज्य भाषाओं में से एक है।
कोकबोरोक शब्द (कोक + बोरोक) से बना है। "कोक" शब्द का अर्थ है "मौखिक" और "बोरोक" जिसका अर्थ है "लोग" या 'मानव'।
सामाजिक-राजनीतिक बहसों के कारण कोकबोरोक की लिपि को अभी तक अंतिम रूप नहीं दिया गया है, लेकिन बहुत से लोग इसे "लैटिन लिपि" में लिखना पसंद करते हैं।
त्रिपुरा बोर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन की होने वाली परीक्षाओं मे कोकबोरोक भाषा को बांग्ला के साथ रोमन लिपि में लिखने की मिले इसके लिए त्रिपुरा के छात्र संगठनों ने राज्य में रेल - रोड ब्लॉक करने का ऐलान किया।
बोर्ड ने छात्रों को 15 से 17 वर्षों के लिए बंगाली और रोमन लिपि में कोकबोरोक लिखने की अनुमति दी थी।
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